गुजरात के दलितों का मुद्दा संसद में गूँजा

गुजरात में दलितों की पिटाई के बाद वहां दलित समुदाय में भारी गुस्सा है और बुधवार को बुलाए गए गुजरात बंद के दौरान कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएँ हुई हैं.

ये मुद्दा संसद में भी गूंजा है. राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने इस मुद्दे पर तत्काल बहस की मांग की है. राज्यसभा को कुछ देर के लिए स्थगित भी करना पड़ा है.

बसपा प्रमुख मायावती ने संसद के बाहर कहा, ”दलितों से जुड़ा कोई भी मामला जब बसपा उठाती है, तो आपस में मिले हुए कांग्रेस, भाजपा उस पर राजनीति करने लगते हैं.”

दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने संसद के बाहर कहा कि गुजरात सरकार ने मामला सामने आने के बाद तत्काल कड़ी कार्रवाई की है लेकिन विपक्ष न दो संसद में व्यवस्थित ढंग अपनी बात रखना चाहता है और ही सरकार की बात सुनना चाहता है.

उधर गुजरात से पत्रकार प्रशांत दयाल ने बताया है कि सौराष्ट्र में अमरोली, भावनगर, जूनागढ़ और राजकोट ज़िलों में बंद के दौरान बसों पर पथराव हो रहा है स्कूल कॉलेज बंद हैं.

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जूनागढ़ और अहमदाबाद में भी स्कूल कॉलेज बंद कराए गए हैं क्योंकि सरकारी बसों और दफ़्तरों को निशाना बनाया जा रहा है.

ये मुद्दा तब शुरू हुआ जब ग्यारह जुलाई को वेरावल ज़िले के ऊना में कथित गो रक्षकों ने जानवर की खाल उतार रहे चार दलितों की बेरहमी से पिटाई की थी.

इस घटना का वीडियो वायरल हो गया था.

इसके बाद भड़के प्रदर्शनों में पथराव हुए थे जिनमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. विरोध प्रदर्शनों के दौरान 16 दलितों ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी.

इनमें से एक युवक की मौत हो गई है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि मृत व्यक्ति ने व्यक्तिगत कारणों से ज़हर खाया था. लेकिन दलित संगठन प्रशासन के दावों को नकार रहे हैं.

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल Image 

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल इस मामले में जांच के आदेश दे चुकी हैं. वो पीटे गए दलित युवकों से मिलने ऊना पहुंच गई हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 21 जुलाई को और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का 22 जुलाई को इन पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम है.

अमरेली में मंगलवार को दलितों के प्रदर्शन में हुई पत्थरबाज़ी में एसपी रैंक के एक अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

गुजरात में आंदोलन करते दलित.Image 

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक ट्वीट कर बताया था कि ऊना की घटना के संबंध में अब तक 16 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

इन लोगों पर अपहरण, लोगों को बंधक बनाने और एसएसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

 

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बुद्ध हैं अंतिम सत्य

भगवान बुद्ध दुनिया का एक रहस्य हैं। भगवान तो बहुत हुए, लेकिन बुद्ध ने चेतना के जिस शिखर को छुआ है वैसा किसी और ने नहीं। बुद्ध का पूरा जीवन सत्य की खोज और निर्वाण को पा लेने में ही लग गया। उन्होंने मानव मनोविज्ञान और दुख के हर पहलू पर कहा और उसके समाधान बताए।
यह रिकॉर्ड है कि बुद्ध ने जितना कहा और जितना समझाया उतना किसी और ने नहीं। धरती पर अभी तक ऐसा कोई नहीं हुआ जो बुद्ध के बराबर कह गया। सैंकड़ों ग्रंथ है जो उनके प्रवचनों से भरे पड़े हैं और आश्चर्य कि उनमें कहीं भी दोहराव नहीं है। जिसने बुद्ध को पड़ा और समझा वह भीक्षु हुए बगैर बच नहीं सकता।
बुध का रास्ता दुख से निजात पाकर निर्वाण अर्थात शाश्वत आनंद में स्‍थित हो जाने का रास्ता है। बुद्ध का जन्म किसी राष्ट्र, धर्म या प्रांत की क्रांति नहीं है बल्कि की बुद्ध के जन्म से व्यवस्थित धर्म के मार्ग पर पहली बार कोई वैश्विक क्रांति हुई है। बु्द्ध से पहले धर्म, योग और ध्यान सिर्फ दार्शनिकों का विरोधाभाषिक विज्ञान ही था। काशी या कांची में बैठकर लोग माथाफोड़ी करते रहते थे।
पश्चिम के बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक बुद्ध और योग को पिछले कुछ वर्षों से बहुत ही गंभीरता से ले रहे हैं। चीन, जापान, श्रीलंका और भारत सहित दुनिया के अनेकों बौद्ध राष्ट्रों के बौद्ध मठों में पश्चिमी जगत की तादाद बड़ी है। सभी अब यह जानने लगे हैं कि पश्चिमी धर्मों में जो बाते हैं वे बौद्ध धर्म से ही ली गई है, क्योंकि बौद्ध धर्म ईसा मसीह से 500 साल पूर्व पूरे विश्व में फैल चुका था।
दुनिया का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा था जहाँ बौद्ध भिक्षुओं के कदम न पड़े हों। दुनिया भर के हर इलाके से खुदाई में भगवान बुद्ध की प्रतिमा निकलती है। दुनिया की सर्वाधिक प्रतिमाओं का रिकॉर्ड भी बुद्ध के नाम दर्ज है।
उन मुल्कों के मस्तिष्क में शांति, बुद्धि और जागरूकता नहीं है जिन्होंने बुद्ध को अपने मुल्क से खदेड़ दिया है, भविष्य में भी कभी नहीं रहेगी। शांति, बुद्धि और जागरूकता के बगैर विश्व का कोई भविष्य नहीं है, इसीलिए विद्वानों द्वारा कहा जाता रहा है कि बुद्ध ही है दुनिया का भविष्य। वही है अंतिम दार्शनिक सत्य।

बौद्ध धर्म को सिर्फ दो शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है- अभ्यास और जागरूकता।”- दलाई लामा
एस धम्मो सनंतनो अर्थात यही है सनातन धर्म। बु‍द्ध का मार्ग ही सच्चे अर्थों में धर्म का मार्ग है। दोनों तरह की अतियों से अलग एकदम स्पष्ट और साफ। जिन्होंने इसे नहीं जाना उन्होंने कुछ नहीं जाना। बुद्ध को महात्मा या स्वामी कहने वाले उन्हें कतई नहीं जानते। बुद्ध सिर्फ बुद्ध जैसे हैं।
हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए बुद्ध का होना अर्थात धर्म का होना है। बुद्ध इस भारत की आत्मा हैं। बुद्ध को जानने से भारत भी जाना हुआ माना जाएगा। बुद्ध को जानना अर्थात धर्म को जानना है

यह संयोग ही है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में ईसा पूर्व 563 को हुआ। इसी दिन 528 ईसा पूर्व उन्होंने बोधगया में एक वृक्ष के ‍नीचे जाना कि सत्य क्या है और इसी दिन वे 483 ईसा पूर्व को 80 वर्ष की उम्र में दुनिया को कुशीनगर में अलविदा कह गए।
गौतम बुद्ध का जन्म ईसा से 563 साल पहले नेपाल के लुम्बिनी वन में हुआ। उनकी माता कपिलवस्तु की महारानी महामाया देवी जब अपने नैहर देवदह जा रही थीं, तो उन्होंने रास्ते में लुम्बिनी वन में बुद्ध को जन्म दिया। कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से 8 मील दूर पश्चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान के पास उस काल में लुम्बिनी वन हुआ करता था।
उनका जन्म नाम सिद्धार्थ रखा गया। सिद्धार्थ के पिता शुद्धोदन कपिलवस्तु के राजा थे और उनका सम्मान नेपाल ही नहीं समूचे भारत में था। सिद्धार्थ की मौसी गौतमी ने उनका लालन-पालन किया क्योंकि सिद्धार्थ के जन्म के सात दिन बाद ही उनकी माँ का देहांत हो गया था।

हिंदू भारत के बीमार लोग हैंः आंबेडकर

संयुक्त राष्ट्र में पहली बार भारतीय संविधान के रचयिता बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मनाई गई है.

यह उनके जन्म के 125 साल पूरे होने, यानी 14 अप्रैल के एक दिन पहले मनाई गई है.

इसमें लगातार विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए असमानताओं से लड़ने पर ध्यान देने की बात कही गई है.

दलित अधिकारों के लिए लड़ने वाले भीमराव आंबेडकर को भारत के संविधान निर्माता के तौर पर जाना जाता है.

आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था. उन्हें 1990 में मरणोपरांत भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया था.

आंबेडकर ने अमरीका और ब्रिटेन दोनों देशों में उच्च शिक्षा पाई थी. विदेशी यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी करने वाले पहले भारतीय थे.

1913 में उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था. इसके लिए बड़ौदा के राजपरिवार से उन्हें वज़ीफा मिला था.

1916 में लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में पीएचडी की. वह देश के पहले क़ानून मंत्री बने. वे संविधान समिति अध्यक्ष थे.

1951 में हिंदू कोड बिल के सवाल पर उन्होंने मंत्री मद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

1952 में वे राज्यसभा के सदस्य बनाए गए. 14 अक्टूबर 1956 को आंबेडकर धर्म परिवर्तन करके बौद्ध बन गए थे.

(आंबेडकर की कही गई उपरोक्त बातें 1936 में उनके निबंध ‘एन्निहिलेशन ऑफ़ कास्ट’ से ली गई हैं.)

मुबारकपुर मे ज्योतिबा फुले एवम् डॉक्टर अम्बेडकर की सयुक्त जयन्ति समारोह सफलता पूर्वक सम्पन

रास्ट्रीय मूलनिवासी संघ RMS एवम् तथागत ज्ञान प्रचार वैलफेयर अस्सोसिअशन TGPWA के तत्वधान मे 10 अप्रैल 2016 को दिल्ली मुबारकपुर मे ज्योतिबा फुले एवम् डॉक्टर अम्बेडकर की सयुक्त जयन्ति समारोह सफलता पूर्वक सम्पन हुआ। ओर पढे लिखे बच्चों को ओर खेल कूद वालो को इनाम ओर सम्मान पत्र दिया गया।
चीफ गेस्ट फकीर चंद अमेरिका।
किर्षि वैज्ञानिक रामभज बौद्ध।
डॉक्टर गुलशन प्रकाश ।
सुरेश गहलोत तथा वक्ता सागर भूमक मास्टर दयानंद इंजीनयर संदीप
भीम गीत :- मोनू ,सशी भूषण , जितेंदर इंदौरा।

 

 

अम्बेडकर जी के 125वें जन्म दिवस को ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया गया।

हरियाना अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ-388,यमुनानगर द्वारा डॉ अम्बेडकर जी के 125वें जन्म दिवस को ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया गया।उस कार्यक्रम में मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, विशिष्ट अतिथि उपायुक्त यमुनानगर एस एस फुलिया रहे,अध्यक्षता श्री गुरु रविदास डेरा फर्कपुर के सन्त ब्रह्मचारी कंवरपाल ने की व विशिष्ट आमन्त्रित सदस्य अम्बेडकर युवा मंच के अध्यक्ष डॉ रामकुमार जी रहे। सफल कार्यक्रम के लिए सभी हजरास टीम और अम्बेडकर युवा मंच का धन्यवाद।
‪#‎जय_भीम‬

 

विश्व रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 125 वे जन्म दिवस के उपलक्ष्य में छात्र चेतना रेली

आज MDU रोहतक के छात्रौ की और से विश्व रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 125 वे जन्म दिवस के उपलक्ष्य में छात्र चेतना रेली
( बाईक रेली )का आयोजन किया गया ।जिसमें 125 बाईक और कारो का काफीला शहर के मुख्य मार्गो के साथ साथ शोषित कलोनीयो से होते हुए बाबा साहब की विचारधारा का संदेस देते हुए ।अम्बेडकर चौक समापन हुई ।सभी साथियों को बहुत बहुत बधाई ।
जय भीम

 

 

 

 

 

 

डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला

डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला के ग्यारहवें दिन
महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जन्मदिवस मनाया व
बुंदेलखंड में दलित भूमि अधिकार व सरकारी योजनाओं में दलितों की हिस्सेदारी पर हुआ संबाद
जमीन दलितों की आजीविका ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा व सम्मान का प्रतीक है
दिनांक- 11 अप्रैल 2016,
साथियों – जय भीम !!!
बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर आयोजित 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला के आज ग्यारहवें दिन बघौरा (बौद्ध विहार परिसर), उरई जालौन में महात्मा ज्योतिवा राव फुले का जन्म दिवस मानया गया व बुंदेलखंड में दलित भूमि अधिकार व सरकारी योजनाओं में दलितों की हिस्सेदारी विषय पर सभा/संबाद हुआ ! जिसमे जिले के अलग अलग गावं के लोगों ने हिस्सा लिया ! कार्यक्रम में महात्मा ज्योतिबाफुले के जीबन संघर्ष को याद किया गया,फुले दम्पत्ति ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए अर्पित कर दिया और दलितों,पिछड़ों व बन्चितों को शिक्षा के दरवाजे खोले उन्होंने विद्यालयों की शुरुआत की और समाज को शिक्षित कर आगे बढाने का काम किया ! आज के कार्यक्रम में संबाद पर चर्चा करते हुए बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा की जमीन केवल दलितों की आजीविका का साधन ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा व सम्मान का प्रतीक है,आज दलितों की तबाही का मुख्य कारण उनके पास जमीन का न होना ही है ! रामकुमार उरकरा,राजेश्वरी गोतम, इटोरा,रमेशचंद्र अकबरपुर,धरमपाल,संतोष सविता मदैयाँ महेवा ने कहा की हम लोग भूमिहीन है हमारे पास रहने के लिए जगह भी नही है हमें आवास हेतु जमीन दी जाए,२० साल पहले जमीन के पत्ते मिले थे लेकिन कब्ज़ा आज तक नहीं मिला, हमारे साथ आये दिन शोषण व अत्याचार होता है, महिला बिंग से नीलिमा, लक्ष्मी, कम्लेशी, सेलीमा व राजेश्वरी ने कहा की महिलाओं के पास जमीन होगी तो वह सम्मान के साथ समाज में अपना जीवन जी सकती है , महिलाओं के नाम जमीन न होने के कारण ही महिला हिंसाएँ की घटनाएँ होती है व हमारी महिलाओं को बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जहाँ पर उन्हें बेइज्जती व बेशर्मी का सामना करना पड़ता है आये दिन तरह तरह की घटनाएँ उनके साथ होती है ! मुकेश पाल मुसमरिया, रामविहारी बाबू जी,कालूराम जी, विश्वनाथ जी,टीका राम मौर्य,मनोज गौतम मिझोना, भोलानाथ, भगवानदास अहिरवार,राकेश सिरोमणि, रमेशा गौतम, संतोष गोतम,शिवराम पाल,ने बाबा साहब के कारवां व महात्मा ज्योतिबा राव फुले के जीबन संघर्षों पर प्रकाश डाला, और उनसे सीख लेकर, इस कारवां को आगे बढाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें !

दिनांक 12 अप्रैल 2016 को – बुंदेलखंड में राजनैतिक शशक्तिकरण व दलित बंचित समुदाय विषय पर कार्यक्रम का आयोजन बघौरा, बौद्धाविहार परिसर उरई जालौन में होगा !
साथिओं अलग अलग मुददों पर होने बाले कार्यक्रमों में आप भी सहभागिता करें और इन मुददों पर मंथन कर दलितों,बंचितों के हक़ अधिकार व सम्मान की आवाज व डॉ. आंबेडकर दुवारा सोंपे गए कारवां को आगे बढाने में हम सबका साथ दे ! धन्यवाद – जय भीम
आज ग्यारहवें दिन के कार्यक्रम की रिपोर्ट व कुछ फोटो ग्राफ्स आप सबके अवलोकनार्थ प्रेषित है
आपका साथी
कुलदीप कुमार बौद्ध(संयोजक)
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच(BDAM)/ 125वाँ जय भीम कारवां
Mob-09453645931,Email- kuldeepbaudh@gmail.com

 

 

 

 

125वां जय भीम कारवां

डॉ. बी.आर.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित 01-14 अप्रैल 2016(14 दिवसीय) कार्यक्रम –125वां जय भीम कारवां में सहभागिता करने हेतु
साथियों – जय भीम !!!
बुंदेलखंड क्षेत्र के दलितों की आवाज सामाजिक संगठन – बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच(BDAM) दुवारा पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में दलितों व बंचित समुदाय के हक़ अधिकार व सम्मान के लिए 06 दिसम्बर 2015 से 14 अप्रैल 2016 के बीच एक व्यापक महाभियान-125 वाँ जय भीम कारवां किया, जिसमे पुरे बुंदेलखंड में हजारों लाखों लोगो को उनके हक़ अधिकार व सम्मान के प्रति जागरूक करते हुए बाबा साहब का सन्देश दिया गया !
इसी क्रम में बाबा साहब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच दुवारा 01-14 अप्रैल 2016 (14 दिवसीय ) विभिन्न मुददों पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहें हे, जिसमे आप सब की उपस्तिथि सादर प्रार्थनीय है !
-कार्यक्रम स्थल –
पुलिस लाइन,बघौरा( बौद्ध विहार परिसर),उरई जालौन, उ०प्र०
14 दिवसीय कार्यक्रम विवरण निम्न प्रकार है –
दिनांक कार्यक्रम विवरण
01 अप्रैल 2016 (शुक्रवार) डॉ.आंबेडकर का कारवां-दलित आन्दोलन (मीडिया कांफ्रेंस),14 दिवसीय कार्यक्रम का आगाज
02 अप्रैल 2016 (शनिवार) बुंदेलखंड में दलितों,बंचितों के हक़ अधिकार व सम्मान की आवाज एवं सामाजिक संस्थाओं/जन संगठनों की भूमिका ( सभा/सेमिनार,चिंतन शिविर )
03 अप्रैल 2016 (रविवार) डॉ.आंबेडकर का कारवां व दलित अधिकारों के आन्दोलन में सरकारी अधिकारी / कर्मचारी वर्ग की भूमिका ( सभा/सेमिनार,चिंतन शिविर )
04 अप्रैल 2016 (सोमवार) बुंदेलखंड में दलित व शिक्षा का अधिकार ( संबाद/सभा,ज्ञापन )
05 अप्रैल2016 (मंगलवार) बुंदेलखंड में दलित महिलाओं की दशा व दिशा ( संबाद )
06 अप्रैल 2016 (बुद्धवार) बुंदेलखंड में मेला ढोने की प्रथा व दलित समुदाय ( संबाद/सभा,ज्ञापन )
07 अप्रैल 2016 (गुरुवार) बुंदेलखंड में दलित उत्पीडन व sc/st PoA Act 1989/ नया अध्यादेश( संबाद/सभा )
08 अप्रैल 2016 (शुक्रवार) अकाल,सुखा,कर्ज,भुखमरी/कुपोषण,आत्महत्या व आजीविका से जूझता – बुंदेलखंड का दलित ( संबाद/सभा,ज्ञापन )
09 अप्रैल 2016 (शनिवार) बजट का अधिकार व दलित,
ग्राम पंचायत से लेकर राज्य व केंद्र सर्कार के बजट में दलितों की हिस्सेदारी ( संबाद/सभा )
10 अप्रैल 2016 (रविवार) दलित,बंचित समुदाय (SC/ST,OBC,Mino)की दिशा व दशा हम सबकी जिम्मेदारी व भूमिका ( संबाद/सभा )
11 अप्रैल 2016 (सोमवार) बुंदेलखंड में दलित भूमि अधिकार व सरकारी योजनाओं में दलितों की हिस्सेदारी ( संबाद/सभा,ज्ञापन )
12 अप्रैल 2016(मंगलवार) बुंदेलखंड में राजनैतिक सशक्तिकरण व दलित वंचित समुदाय ( संबाद )
13 अप्रैल 2016 (बुधवार) अपने हक़ की आवाज-दलित आन्दोलन में
ग्राम स्तरीय लीडरों,वालेंटियर,युवाओं व हम सबकी भूमिका ( संबाद/रणनीति निर्माण)
14 अप्रैल 2016 (गुरुवार) बुंदेलखंड/ जालौन के 125 गावों में एक साथ डॉ. आंबेडकर की 125वीं जन्म जयंती का आयोजन ( डॉ.आंबेडकर की 125 जयंती समारोह )
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच(BDAM)इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सामिल होने के लिए आपको सादर आमंत्रित करता, आप जरुर इसमें सहभागिता करें और इन मुददों पर मंथन कर दलितों,बंचितों के हक़ अधिकार व सम्मान की आवाज व डॉ. आंबेडकर दुवारा सोंपे गए कारवां को आगे बड़ाने में हम सबका साथ दे !
आपका साथी
कुलदीप कुमार बौद्ध(संयोजक)
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच(BDAM)/ 125वाँ जय भीम कारवां
Mob-09453645931,Email- kuldeepbaudh@gmail.com,
प्रधान कार्यलय – पुलिसलाइन बघौरा,जय माँ दुर्गे गेस्ट हॉउस के आगे,उरई(जालौन) उ०प्र०-285001
-अनुरोध/अपील-
साथियों यह कार्यक्रम वालेंटियरी आप सब के ही सहयोग से किया जाना है अत: आप सभी से विशेष अनुरोध/अपील है कि इस कारवां में आप स्वयं/संस्था/संगठन/टीम के माध्यम से तन मन धन व वैचारिक रूप से सहयोग जरुर करे,
Bank Details- Bundelkhand Dalit Adhikar Manch , Account No- 31275523925, IFSC-SBIN0000147, Bank- State Bank of India,Orai-Jalaun

भारत रत्न डॉ. अंबेडकर अवार्ड्स 2016

बॉलीवुड मनायेगा डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की 125 वीं ज्यंति !

“छटवां भारत रत्न डॉ. अंबेडकर अवार्ड्स 2016”

स्थान: श्री षणमुखानंद ऑडिटोरियम, सायन, मुंबई
दिनांक : 20 मई 2016

समय: शाम 6 बजे से रात्री 10 बजे तक

आयोजक: कैलाश मासूम

 

रन फॉर डॉ. आम्बेडकर

 

शकुन बौद्ध जी ऋषि पाल बौद्ध जी और उनकी बिटिया विशाखा बौद्ध – गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से – बाबा साहेब के मिशन के लिए समर्पित मिशनरी परिवार के सदस्य आ रहे हैं 3 अप्रैल को दिल्ली के आम्बेडकर भवन से जंतर मन्तर तक RUN FOR DR. AMBEDKAR में दौड़ने के लिए। आप आ रहे हैं क्या ?

3 अप्रैल को होगा भीम शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन
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विश्वभूषण परमपूज्य बोधिसत्व डॉ भीमराव आंबेडकर जी की 125 वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर उनके सम्मान में भारतवर्ष की सबसे विशाल दौड़।
👉🏽ऐसे मौके सालों बाद आते हैं कहीं आपसे यह ऐतिहासिक मौका छूट न जाए दूसरे राज्यों से भाग लेने वाले आज ही अपनी और अपनो की रेल रिजर्वेशन कराए।
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💐परमपूज्य बोधिसत्व डॉ भीमराव आंबेडकर जी के सम्मान में आआे एक साथ सभी प्रबुद्ध साथी बढ़चढ़कर इस दौड़ में भाग ले। और अपने प्रबुद्ध जनसैलाब से विश्व में अपनी ऐतिहासिक छाप छोड़े।

RUN FOR DR. AMBEDKAR
🔸The Greatest Indian🔸

👉🏽क्या आप तैयार है हमारे 🎗विश्वरत्न बोधिसत्व डॉ भीमराव आंबेडकर के लिए दौड़ने के लिए ???

भीम शक्ति दर्शाने के लिए अगर तैयार है तो इस मेसेज को हर वाटस अप गु्रप ओर फेसबुक में पहुँचाने की जिम्मेदारी आप ओर हम सभी भीम सेनानियों की है….

* दिल्ली चलो,, 3 अप्रैल 2016 ,,चलो दिल्ली

RUN FOR DR. B. R. AMBEDKAR
The Greatest Indian

बाबासाहेब डॉ आंबेडकर जी की 125 वीं जयंती के अवसर पर भीम शक्ति के प्रदर्शन का एेतिहासिक अवसर हाथ से न जाने दें।
पूरे परिवार, रिश्तेदारो और मित्रों सहित दौड़ में भाग लेने के लिए तैयार रहे ।
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* तारीख -3 अप्रैल 2016
* सुबह: 10 बजे
* स्थान – आंबेडकर भवन से जंतर मंतर,
दिल्ली
* स्थानीय मेट्रो स्टेशन – आर के आश्रम और झंडेवालान
आयोजक :-
☸यूथ फॉर बुद्धिस्ट इण्डिया ☸
।। नईं दिल्ली ।।
* बौद्धाचार्य शान्ति स्वरूप बौद्ध,
संरक्षक: 9810161823
हरी भारती, अध्यक्ष: 9717454430
सुधीर भास्कर, सचिव: 9717878086
श्याम भंडारी, उपाध्यक्ष :9911849918
सत प्रकाश गौतम,उपाध्यक्ष:9968283080
संदीप बौद्ध,कोषाध्यक्ष: 9810249452
हेमन्त कुमार बौद्ध,सहसचिव: 9013200003
विश्व बन्धु: सह सचिव – 9899546320
तरन्नुम बौद्ध, सह सचिव
आरती बौद्ध, सह सचिव
अनिल सागर, प्रचार सचिव-9266698832
सुनील मेघवाल, प्रचार सचिव-9711987886
प्रणवीर व्यास,संगठन सचिव-7065168514
डी.एस. गौतम,सह कोषाध्यक्ष-9891163690
महेंद्र सिंह, प्रचार सचिव -9811386564
आनंद बाबू -साथी प्रचारक-9871191360
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🙏💐निवेदक-कपिल स्वरूप बौद्ध
(सम्यक प्रकाशन)
क्रांतिकारी जय भीम-Bodh TShakun Bauddheep Kapil Swaroop BauddhmaHemant Kummar BauddhKapBodh TarrannumddJP Singh Bauddhr Live Lord BudhharrShashi Bhushanh Anand Babooe Manjeet Singh Avtar BPranveer Singh Vyase Panwar KaushalAvAnil BaudheeA.P. SinghasGandharve Sain AmbedkarBaAmit IndurkarghAaprichitReenu BauddhdkArchana Rani BauddhAaAshok Bauddh BParveen Barsi ChamarBauNitin ChandrauddChitrasen Gautam CSunil Meghwaln ChBuddhamittra Monalisa RawatunMahender SinghBuddMonica SinghalManisha MeshramndManish KumarMoniMahendra Pratap SinghhrSanghmitra GautamonSachin Singh BhartighSatish BauddhGauSanjeev Kumar BhauraarSajeri Rajendra MundhenjUpender SagarauraSarvesh GautamdraGayatri Shramanr Surender Singhh Shanti Swaroop BauddhmaSunil Vimal SSumedha Bodh SLalita BoudhhmaSunil Vimal SSumedha Bodh SLalita BoudhhShSunil Vimalp Sumedha Bodhl Lalita BoudhhaIndira Raoita Boudhl Indira Rao