The story of India’s caste blues

If you want a house, you may build one. If you want a new shirt, you’ll buy one. If your child is of school-going age, man, you’ll send him to school. But in the small hillside town of Dasgaon in the Raigad district of Maharashtra, overrun by the British military in the late 19th century, these were bold ideas with threat to life and limb. For a Dalit.
By erecting a single-storey house, Vitthal Hate Joshi, a Mahar, who made his living as a typist, passed into local legend. To his fellow-men, he became ‘Madi-wala Joshi’ — the man with the single-storey. His relative, Babaji More, was sent to jail on the charge of stealing wood to build it.
His son, Ramchandra Babaji More, born an untouchable and, given up to rebellion, perhaps in the same hour, began sending letters, by the age of 11, to the government to cancel grants to his school for denying him admission for being a Dalit. Till the late Twenties, he worked with BR Ambedkar. By the Thirties, he had joined the undivided Communist Party of India.
Dr Ambedkar (seated fourth from left) with prominent leaders of the first Mahad satyagraha in Bombay, 1927. RB More (circled) of Dasgaon suggested the idea of a conference at Mahad to Ambedkar. From the Thirties, More joined the undivided Communist Party of India. (Photo courtesy: Subodh More)
Surbanana Tipnis, an upper-caste, had been RB More’s classmate. His was a 33-year-old working relationship with Ambedkar, says his grandson Milind Tipnis, 60, a social worker. In spite of being a landlord, he joined the Ambedkar-led anti-landlord (‘Khot’) agitation, the first instance of a successful peasant agitation leading to a law. The Congress opposed the movement due to its Brahmin/landlord base then.

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राम नहीं, केवल अंबेडकर को मानते हैं दलित: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के मुद्दे पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दो सालों में दलितों के लिए कुछ नहीं किया। यूपी चुनावों के नजदीक आने के बाद वे दलितों और पिछड़ों के लिए कई वादे कर रहे हैं। डॉक्‍टर भीमराव अम्‍बेडकर की 125वीं जयंती पर अम्‍बेडर मेमोरियल पर आयोजित सभा में मायावती ने कहा कि उनकी रैली में लाखों लोग अपने दम पर आए हैं। जबकि एमपी में उनकी सरकार और भाजपा ने 200 कॉलेजों के छात्रों को महू में मोदी की रैली में आने के लिए मजबूर किया ताकि किराए की भीड़ जुटाई जा सके। उन्‍होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दलित वोटों के लिए अंबेडकर के नाम का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में नियुक्‍त यूपी के भाजपा अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कम्‍युनल और क्रिमिनल रिकॉर्ड है। वे ओबीसी से आते हैं लेकिन भाजपा और आरएसएस से जुड़े रहें हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर भाजपा दलित या ओबीसी को अपना सीएम या पीएम उम्‍मीदवार घोषित कर दे तो भी वे लोग इन समुदायों के लिए कुछ नहीं कर सकेंगे। पीएम मोदी इसका उदाहरण है। वह हमेशा कहते हैं कि वह ओबीसी है लेकिन उस समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। यहां तक कि उन्‍होंने चाय बेचने वालों के लिए भी कुछ नहीं किया। मायावती ने कहा कि दलित राम या किसी और देवी-देवता को नहीं मानते। वे केवल अंबेडकर को मानते हैं जो उनके अधिकारों के लिए लड़े थे। उनके तीर्थ स्‍थान अयोध्‍या, मथुरा, वृंदावन,द्वारका नहीं है। उनका तीर्थ लखनऊ का अंबेडकर मेमोरियल है। उन्‍होंने आरएसएस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए लव जिहाद, बीफ और भारत माता की जय जैसे प्रयास कर रहे हैं। ओवैसी जैसे लोग भी अप्रत्‍यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे हैं। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि हाल ही में सोनिया गांधी ने रोहित वेमुला की तुलना अंबेडकर से की। यह उनकी अज्ञानता दर्शाता है। अंबेडकर से तुलना करनी है तो दक्षिण अफ्रीका के नेलसन मंडेला से करनी चाहिए। जब हैदराबाद यूनिवर्सिटी में आठ दलित छात्रों ने आत्‍महत्‍या की थी तो उस समय कांग्रेस सरकार थी। लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। – Source

मुबारकपुर मे ज्योतिबा फुले एवम् डॉक्टर अम्बेडकर की सयुक्त जयन्ति समारोह सफलता पूर्वक सम्पन

रास्ट्रीय मूलनिवासी संघ RMS एवम् तथागत ज्ञान प्रचार वैलफेयर अस्सोसिअशन TGPWA के तत्वधान मे 10 अप्रैल 2016 को दिल्ली मुबारकपुर मे ज्योतिबा फुले एवम् डॉक्टर अम्बेडकर की सयुक्त जयन्ति समारोह सफलता पूर्वक सम्पन हुआ। ओर पढे लिखे बच्चों को ओर खेल कूद वालो को इनाम ओर सम्मान पत्र दिया गया।
चीफ गेस्ट फकीर चंद अमेरिका।
किर्षि वैज्ञानिक रामभज बौद्ध।
डॉक्टर गुलशन प्रकाश ।
सुरेश गहलोत तथा वक्ता सागर भूमक मास्टर दयानंद इंजीनयर संदीप
भीम गीत :- मोनू ,सशी भूषण , जितेंदर इंदौरा।

 

 

अम्बेडकर जी के 125वें जन्म दिवस को ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया गया।

हरियाना अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ-388,यमुनानगर द्वारा डॉ अम्बेडकर जी के 125वें जन्म दिवस को ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया गया।उस कार्यक्रम में मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, विशिष्ट अतिथि उपायुक्त यमुनानगर एस एस फुलिया रहे,अध्यक्षता श्री गुरु रविदास डेरा फर्कपुर के सन्त ब्रह्मचारी कंवरपाल ने की व विशिष्ट आमन्त्रित सदस्य अम्बेडकर युवा मंच के अध्यक्ष डॉ रामकुमार जी रहे। सफल कार्यक्रम के लिए सभी हजरास टीम और अम्बेडकर युवा मंच का धन्यवाद।
‪#‎जय_भीम‬

 

विश्व रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 125 वे जन्म दिवस के उपलक्ष्य में छात्र चेतना रेली

आज MDU रोहतक के छात्रौ की और से विश्व रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 125 वे जन्म दिवस के उपलक्ष्य में छात्र चेतना रेली
( बाईक रेली )का आयोजन किया गया ।जिसमें 125 बाईक और कारो का काफीला शहर के मुख्य मार्गो के साथ साथ शोषित कलोनीयो से होते हुए बाबा साहब की विचारधारा का संदेस देते हुए ।अम्बेडकर चौक समापन हुई ।सभी साथियों को बहुत बहुत बधाई ।
जय भीम

 

 

 

 

 

 

डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला

डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला के ग्यारहवें दिन
महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जन्मदिवस मनाया व
बुंदेलखंड में दलित भूमि अधिकार व सरकारी योजनाओं में दलितों की हिस्सेदारी पर हुआ संबाद
जमीन दलितों की आजीविका ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा व सम्मान का प्रतीक है
दिनांक- 11 अप्रैल 2016,
साथियों – जय भीम !!!
बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर आयोजित 14 दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला के आज ग्यारहवें दिन बघौरा (बौद्ध विहार परिसर), उरई जालौन में महात्मा ज्योतिवा राव फुले का जन्म दिवस मानया गया व बुंदेलखंड में दलित भूमि अधिकार व सरकारी योजनाओं में दलितों की हिस्सेदारी विषय पर सभा/संबाद हुआ ! जिसमे जिले के अलग अलग गावं के लोगों ने हिस्सा लिया ! कार्यक्रम में महात्मा ज्योतिबाफुले के जीबन संघर्ष को याद किया गया,फुले दम्पत्ति ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए अर्पित कर दिया और दलितों,पिछड़ों व बन्चितों को शिक्षा के दरवाजे खोले उन्होंने विद्यालयों की शुरुआत की और समाज को शिक्षित कर आगे बढाने का काम किया ! आज के कार्यक्रम में संबाद पर चर्चा करते हुए बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा की जमीन केवल दलितों की आजीविका का साधन ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा व सम्मान का प्रतीक है,आज दलितों की तबाही का मुख्य कारण उनके पास जमीन का न होना ही है ! रामकुमार उरकरा,राजेश्वरी गोतम, इटोरा,रमेशचंद्र अकबरपुर,धरमपाल,संतोष सविता मदैयाँ महेवा ने कहा की हम लोग भूमिहीन है हमारे पास रहने के लिए जगह भी नही है हमें आवास हेतु जमीन दी जाए,२० साल पहले जमीन के पत्ते मिले थे लेकिन कब्ज़ा आज तक नहीं मिला, हमारे साथ आये दिन शोषण व अत्याचार होता है, महिला बिंग से नीलिमा, लक्ष्मी, कम्लेशी, सेलीमा व राजेश्वरी ने कहा की महिलाओं के पास जमीन होगी तो वह सम्मान के साथ समाज में अपना जीवन जी सकती है , महिलाओं के नाम जमीन न होने के कारण ही महिला हिंसाएँ की घटनाएँ होती है व हमारी महिलाओं को बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जहाँ पर उन्हें बेइज्जती व बेशर्मी का सामना करना पड़ता है आये दिन तरह तरह की घटनाएँ उनके साथ होती है ! मुकेश पाल मुसमरिया, रामविहारी बाबू जी,कालूराम जी, विश्वनाथ जी,टीका राम मौर्य,मनोज गौतम मिझोना, भोलानाथ, भगवानदास अहिरवार,राकेश सिरोमणि, रमेशा गौतम, संतोष गोतम,शिवराम पाल,ने बाबा साहब के कारवां व महात्मा ज्योतिबा राव फुले के जीबन संघर्षों पर प्रकाश डाला, और उनसे सीख लेकर, इस कारवां को आगे बढाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें !

दिनांक 12 अप्रैल 2016 को – बुंदेलखंड में राजनैतिक शशक्तिकरण व दलित बंचित समुदाय विषय पर कार्यक्रम का आयोजन बघौरा, बौद्धाविहार परिसर उरई जालौन में होगा !
साथिओं अलग अलग मुददों पर होने बाले कार्यक्रमों में आप भी सहभागिता करें और इन मुददों पर मंथन कर दलितों,बंचितों के हक़ अधिकार व सम्मान की आवाज व डॉ. आंबेडकर दुवारा सोंपे गए कारवां को आगे बढाने में हम सबका साथ दे ! धन्यवाद – जय भीम
आज ग्यारहवें दिन के कार्यक्रम की रिपोर्ट व कुछ फोटो ग्राफ्स आप सबके अवलोकनार्थ प्रेषित है
आपका साथी
कुलदीप कुमार बौद्ध(संयोजक)
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच(BDAM)/ 125वाँ जय भीम कारवां
Mob-09453645931,Email- kuldeepbaudh@gmail.com

 

 

 

 

भारत रत्न डॉ. अंबेडकर अवार्ड्स 2016

बॉलीवुड मनायेगा डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की 125 वीं ज्यंति !

“छटवां भारत रत्न डॉ. अंबेडकर अवार्ड्स 2016”

स्थान: श्री षणमुखानंद ऑडिटोरियम, सायन, मुंबई
दिनांक : 20 मई 2016

समय: शाम 6 बजे से रात्री 10 बजे तक

आयोजक: कैलाश मासूम